• क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया ने कहा- यात्रा प्रतिबंध की स्थिति के आधार पर भारत दौरे का शेड्यूल फाइनल होगा
  • आईसीसी ने इस साल ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप को कराने का फैसला 10 जून तक टाला
  • भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच दिसंबर-जनवरी में 4 मैचों की टेस्ट सीरीज होगी, पहला मैच ब्रिस्बेन में होगा

कोरोनावायरस की वजह से इस साल नवंबर-दिसंबर में होने वाले भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे के शेड्यूल में बदलाव हो सकता है। क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया(सीए) के मुताबिक, अगर तब तक हालात नहीं सुधरे तो भारत के खिलाफ होने वाले चार टेस्ट एक ही वेन्यू पर कराए जा सकते हैं।

सीए के चीफ एग्जीक्यूटिव केविन रॉबर्ट्स ने कहा- दिसंबर में देश में यात्रा प्रतिबंध को लेकर क्या स्थिति रहती है। उसी आधार पर ही भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज का फाइनल शेड्यूल तय होगा। अभी हम यह मान रहे हैं कि राज्यों की सीमाएं घरेलू यात्रियों के लिए खुली हुईं हैं। उस वक्त विदेशी यात्रियों को लेकर क्या नियम रहेंगे, अभी इस बारे में कुछ नहीं कहा जा सकता है। कई ऐसे पहलू हैं, जिसके आधार पर ही यह तय होगा कि भारत-ऑस्ट्रेलिया के बीच टेस्ट मैच 4 राज्यों के चार मैदानों पर होते हैं या फिर किसी एक मैदान पर।

पर्थ को मेजबानी न मिलने पर सीए के खिलाफ नाराजगी
सीए ने गुरुवार को ही भारत के खिलाफ टेस्ट सीरीज का शेड्यूल जारी किया है। दोनों देशों के बीच पहला मैच ब्रिस्बेन (3-7 दिसंबर), एडिलेड (11-15 दिसंबर), मेलबर्न (26-30 दिसंबर) और सिडनी (3-7 जनवरी 2021) को खेला जाएगा। हालांकि, इस शेड्यूल के ऐलान होने के फौरन बाद ही वेस्टर्न ऑस्ट्रेलिया क्रिकेट एसोसिएशन (डब्ल्यूएसीए) की चीफ क्रिस्टिना मैथ्यूज ने पर्थ को टेस्ट की मेजबानी नहीं देने को लेकर सीए के खिलाफ गुस्सा जताया था।

रोटेशन पॉलिसी के तहत वेन्यू तय किए: रॉबर्ट्स

सीए के सीईओ केविन ने सफाई में कहा कि 2018 में भारत के ऑस्ट्रेलिय़ा दौरे पर ब्रिस्बेन को टेस्ट की मेजबानी का मौका मिला था। अगर इस बार पर्थ के मैदान पर टेस्ट होता तो 8 साल के भीतर यहां यह चौथा मुकाबला होता। 2018 में भारत और इंग्लैंड के खिलाफ पिछली दो एशेज सीरीज में भी मेजबान टीम ने इस मैदान पर टेस्ट खेला है। इसलिए रोटेशन पॉलिसी के आधार पर पर्थ को नजरअंदाज किया गया।

टी-20 वर्ल्ड नहीं हुआ तो 400 करोड़ रुपए का नुकसान
सीईओ ने कहा कि अगर इस साल कोरोना की वजह से देश में टी-20 वर्ल्ड कप नहीं हुआ तो करीब 400 करोड़ रुपए (80 मिलियन ऑस्ट्रेलियन डॉलर) का नुकसान होगा। अगर टूर्नामेंट होता भी है तो इसके खाली स्टेडियमों में होने की संभावना है। ऐसे में क्रिकेट ऑस्ट्रेलिया को टिकटों की ब्रिकी से होने वाली करीब 250 करोड़ रुपए (50 मिलियन ऑस्ट्रेलियन डॉलर) का राजस्व नहीं मिलेगा। जो बड़ा नुकसान है।

टी-20 वर्ल्ड कप से जोखिम जुड़े: सीए 

सीए ने इस साल अक्टूबर-नवंबर में ऑस्ट्रेलिया में टी-20 वर्ल्ड कप होने की उम्मीद जताई है। लेकिन साफ किया है कि इतने बड़े टूर्नामेंट को कराना आसान नहीं है। खिलाड़ियों की सेहत के अलावा इससे कई तरह के जोखिम जुड़े हैं।

इधर, अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने गुरुवार को हुई बोर्ड बैठक में टूर्नामेंट पर फैसला 10 जून तक के लिए टाल दिया। आईसीसी ने कहा कि उसे आपात योजनाओं पर काम करने के लिए कुछ और समय चाहिए।