दूध और डेयरी उत्पाद के इस्तेमाल से डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर का खतरा कम रहता है.

मक्खन और पनीर, दही, दूध मेटाबोलिक सिंड्रोम का खतरा कम करने में मददगार पाए गए.

नई दिल्ली: दूध और डेयरी उत्पाद का इस्तेमाल करने वालों को डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर का खतरा अन्य लोगों के मुकाबले कम रहता है. ऑनलाइन रिसर्च पत्रिका ‘BMJ ओपन डायबिटीज रिसर्च एंड केयर’ के ताजा अंक में रिपोर्ट प्रकाशित हुई है.

एशिया, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण अमेरिका, अफ्रीका और यूरोप के 21 मुल्कों से 1 लाख 47 हजार 812 लोगों पर अध्ययन किया गया. शोध में शामिल सभी लोगों की उम्र 35-70 थी. पहले एक साल के अध्ययन में लोगों से उनके खानपान की आदतों और स्वास्थ्य के बारे में विस्तृत सवाल पूछे गए. जबकि 9 साल के अंतराल में उनकी खुराक के अलावा सेहत की छानबीन की गई. शोध के लिए डेयरी उत्पाद को वसा से भरपूर और कम वसा वाले दो हिस्सों में बांटा गया. इसी के साथ ये भी देखा गया कि डेयरी उत्पाद का इस्तेमाल प्रतिदिन कितनी मात्रा में किया जाता है.

10 साल के बाद पता चला कि एशिया में दूध और डेयरी उत्पाद का इस्तेमाल दुनिया के अन्य मुल्कों से बहुत कम है, जबकि दुनियाभर में प्रतिदिन औसत 179 ग्राम डेयरी उत्पाद का इस्तेमाल किसी ना किसी तरह किया जाता है. अध्ययन में अहम खुलासा ये हुआ कि प्रतिदिन 2 कप दूध या इसके बराबर डेयरी उत्पाद इस्तेमाल करने वालों में मेटाबोलिक सिंड्रोम का खतरा ऐसे लोगों के मुकाबले 24 फीसद कम होता है जो डेयरी उत्पाद अपनी खुराक में शामिल नहीं करते हैं, जबकि वसा से भरपूर डेयरी उत्पाद की इतनी ही मात्रा रोजाना शामिल करने वालों में ये खतरा 28 फीसद कम हो जाता है. कम वसा वाले डेयरी उत्पाद लेने वालों में मेटाबोलिक सिंड्रोम का खतरा कम नहीं हुआ.

आपको बता दें कि मेटाबोलिक सिंड्रोम कोई बीमारी नहीं है, बल्कि ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर, पेट और उसके आसपास चर्बी, कोलेस्ट्रोल में सामान्य से ज्यादा वृद्धि पर शामिल प्रतिक्रिया का योग है, जो दिल की बीमारियों, फालिज और टाइप 2 डायबिटीज के खतरे में बढ़ोतरी करता है. हालांकि मक्खन और पनीर भी मेटाबोलिक सिंड्रोम का खतरा कम करने में मददगार पाए गए, लेकिन विशेषज्ञों का कहना है कि उनके इस्तेमाल का रोजाना औसत सिर्फ 3 ग्राम पाया गया.

शोध में ये भी पता चला कि प्रतिदिन 2 कप दूध या उसके बराबर डेयरी उत्पाद शामिल करनेवाले लोगों में हाई ब्लड प्रेशर और टाइप 2 डायबिटीज दोनों रोग का खतरा 12 फीसद कम हो जाता है. शोध के मुताबिक कम वसा वाले दूध और उससे बने डेयरी उत्पाद दोनों से स्वास्थ्य को कुछ खास फायदा नहीं पहुंचता. दूसरी तरफ फूल दूध और उससे तैयार डेयरी के सामान कहीं ज्यादा मुफीद हैं. शोध के हवाले से विशेषज्ञों की सलाह है कि डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और दिल के रोग से बचने के लिए दूध के रोजाना इस्तेमाल की मात्रा बढ़ाई जाए.