सोनू सूद और नीति गोयल का घर भेजो मिशन अनलॉक फेज वन में लगातार चल रहा है। शुक्रवार को दोपहर मुंबई के बोरिवली स्टेशन से 2000 से ज्यादा प्रवासियों को रवाना करने एक बार फिर सोनू पहुंचे। पहले सोनू प्रवासी श्रमिकों को भेजने बसों का इंतजाम कर रहे थे अब वे ट्रेनों के जरिए इस काम को अंजाम दे रहे हैं।

रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक सोनू करीब 20 हजार लोगों को उनके घर भेज चुके हैं। इसमें असम, उड़ीसा और उत्तराखंड के वे लोग भी शामिल हैं जिनके लिए सोनू ने फ्लाइट की टिकट्स बुक करवाई थीं।

मदद पर हुई राजनीति

इसके पहले 8 जून की रात सोनू सूद को मुंबई के बांद्रा टर्मिनल स्टेशन के अंदर नहीं जाने दिया गया। वे वहां से उत्तर प्रदेश जा रही श्रमिक स्पेशल ट्रेन में सवार कुछ मजदूरों को विदा करने आए थे। लेकिन आरपीएफ ने उन्हें प्लेटफॉर्म पर नहीं जाने दिया। इस दौरान सूद करीब 45 मिनट तक आरपीएफ कार्यालय में ही बैठे रहे। हालांकि इस घटना के बारे में सोनू सूद ने कहा था- ‘मुझे इससे कोई फर्क नहीं पड़ता है कि मुझे प्लेटफॉर्म पर जाने को मिला या नहीं। मेरा काम मजदूरों को उनके घर भेजना है और मैं उन्हें यहां पर विश करने के लिए आया था।’

शिवसेना ने की थी आलोचना

इससे पहले शिवसेना ने अपने मुखपत्र ‘सामना’ के जरिए सूद पर आरोप लगाया था कि वे भाजपा की लिखी स्क्रिप्ट पर काम कर रहे हैं, ताकि राज्य सरकार को बदनाम किया जा सके। उन्होंने महाराष्ट्र के सामाजिक परिदृश्य में अचानकर महात्मा सूद के सामने आने को लेकर भी सवाल खड़ा किया था। जिसके बाद सोनू ने रविवार रात मातोश्री जाकर सीएम उद्धव ठाकरे से मुलाकात की थी।