बार-बार हैंडवाश और सेनेटाइज करने से ड्राई हो जाती है स्किन, ऐसे करें देखभाल

हाथों को धोने के लिए हैंडवॉश, साबुन और पानी का इस्तेमाल करें.

दिन में कई बार हैंडवॉश (Handwash) और हैंड सैनिटाइजर (Sanitizer) यूज करने से हाथ की स्किन (skin) रूखी और बेजान हो सकती है. ऐसे में स्किन की देखभाल करने के उपायों को आज हम आपको बता रहे हैं.

दुनिया भर में तेजी से फैल रही कोरोना वायरस (Corona virus) जैसी महामारी को रोकने के लिए डब्ल्यूएचओ (WHO) व अन्य संस्थाओं द्वारा बार-बार हैंडवॉश(Handwash) करने और सेनेटाइजर(Sanitizer) यूज करने की सलाह दी है. विशेषज्ञों का कहना है कि एक समय में कम से कम 20 सेकण्ड तक हाथ धोने से इस वायरस का प्रभाव कम होता है. दिन में कई बार हैंडवास और हैंड सैनिटाइजर यूज करने से हाथ की स्किन रूखी और बेजान हो सकती है.इसलिए हाथ धोने के बाद कोई मॉस्चराइजेशन से भरभूर क्रीम को हाथ पर लगाना चाहिए और हाथ को जल्दी-जल्दी धोना बंद करना चाहिए.लंदन में रहने वाली डर्मटोलॉजिस्ट (त्वचा रोग विशेषज्ञ) डॉ. अंजली महतो ने mensxp को बातचीत के दौरान इससे बचने के लिए उपाय बताया. आइए जानते हैं…

स्किन को हो सकता है ये नुकसान
www.mensxp.com की खबर के अनुसार डॉ मेहतो ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में लिखा कि साबुन, डिटर्जेंट और अल्कोहल जेल का बार-बार उपयोग एक आम और महत्वपूर्ण कारण है. लेकिन ये उत्पाद हमारे एपिडर्मिस की ऊपरी परत में प्रोटीन को नुकसान पहुंचा सकते हैं और वसा में परिवर्तन का कारण बन सकते हैं. इससे नैदानिक हाथ लाल, खुरदरे, खुरदरे, सूखे, और मुरझाए दिखने लगते हैं. इससे त्वचा में छोटे-छोटे कट लगते हैं. यह आपको हाथों में जलन या झुनझुनी की अनुभूति होती है या खुजली से महसूस होता है. इसके ज्यादा उपयोग से त्वचा फफोलेदार और दर्दनाक हो सकती है.

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👩🏾‍⚕️As Coronavirus fears continue to circulate and we see rising cases in the UK, it only makes sense to follow current recommendations surrounding the importance of hand hygiene and washing practices. However, repeated cleansing and use of alcohol gel has resulted in nearly all of my patients this week suffering with some degree of either excessive dryness or very active hand dermatitis (eczema).⁣ ***⁣ Repeated use of soaps, detergents and alcohol gel are a common and important cause of what is known as irritant contact dermatitis. These products can damage proteins in the upper layer of our epidermis (stratum corneum), cause changes in the lipids or fats in our skin, prevent skin cells sticking together appropriately and reduce the water binding capacity of our skin. In extreme cases, changes may occur to our skin microbiome resulting in secondary bacterial infection (e.g. colonisation with bacteria such as Staphylococci).⁣ ⁣ Clinically, the hands can become red, rough, scaly, dry, cracked, and fissured (where small cuts appear in the skin). You may feel the hands have a burning or tingling sensation or feel itchy and irritated. In severe cases the skin may become blistered, painful and form crusts. This problem can develop in anyone who is frequently washing their hands – which is probably all of us right now! Those at high risk often have a background of eczema already or work in an occupation which involves frequent hand washing (e.g. healthcare professionals) or exposure to chemicals or irritants (e.g. hairdressers, beauticians, agricultural workers).⁣ ***⁣ Continued in comments 👇🏾

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एंटी-माइक्रोबाएल हैंड वॉश का करें उपयोग
डॉ. अंजली महतो एंटी-माइक्रोबाएल हैंड वॉश का उपयोग करने का सुझाव देती हैं. उनका है कि साबुन से हाथ धोने से त्वचा रुखी और बेजान हो जाती है, ऐसे में इस हैंड वॉश का उपयोग करें जो तुलनात्मक रूप से हाथों की त्वचा को कम नुकसान पहुंचाती है. इसके साथ ही शिया बटर और एलोए वेरा से बने प्रोडक्ट भी उपयोग में लिए जा सकते हैं.

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खुशबू रहित क्रीम व माइश्चोराइजिंग मास्क
हाथ सूखने के बाद उस पर सेनेटाइजर जेल लगाएं और फिर कोई भी खुशबू रहित हैंड क्रीम उपयोग में लें. इसके अलावा माइश्चोराइजिंग मास्क भी अप्लाई कर सकते हैं. ऐसी कई क्रीम और मॉइश्चराइजिंग मास्क बाजार में उपलब्ध हैं.

हाथों को अच्छी तरह सुखाएं
त्वचा विशेषज्ञ का कहना है कि हाथ धोने के बाद उन्हें अच्छी तरह से सुखाएं और फिर उन पर क्रीम लगाएं. हाथ अच्छे से नहीं सुखाते हैं तो उनका प्राकृतिक तेल खत्म होने लगता है. हाथों को अच्छे से सुखाने से बैक्टीरिया और वायरस भी मर जाते हैं. गीली त्वचा से इनके फैलने के आसार बने रहते हैं. इसके अलावा सिंगल यूज नेपकिन का उपयोग करें. अपने कपड़ों से हाथ पोंछने की आदत को बदलें, इससे भी बैक्टीरिया फैल सकते हैं.