महाराष्ट्र सरकार ने रविवार को राज्य में नॉन कंटेनमेंट जोन में फिल्म, टीवी सीरियल और वेबसीरीज की शूटिंग की इजाजत दे दी। सरकार ने इसके लिए कुछ शर्तें भी तय की हैं। राज्य के संस्कृति मंत्रालय ने कहा कि सरकार की गाइडलाइन के मुताबिक ही प्रोड्यूसर्स को प्री-प्रोडक्शन और पोस्ट-प्रोडक्शन का काम करना होगा। अगर ऐसा नहीं हुआ तो काम रोक दिया जाएगा।

गाइडलाइन के मुताबिक, सरकार ने सेट पर 33 फीसदी क्रू मेंबर के साथ शूटिंग करने की इजाजत दी है। प्रोड्यूसर्स को महाराष्ट्र फिल्म, थिएटर, कल्चरल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन, दादा साहब फाल्के चित्रनगरी और मुंबई के बाहर शूटिंग की शुरुआत के लिए जिला कलेक्टरों को आवेदन देना होगा।

महाराष्ट्र सरकार की गाइडलाइन की बड़ी बातें

बॉलीवुड में शूटिंग के लिए महाराष्ट्र सरकार की ओर से 16 पेज की विस्तृत गाइडलाइन जारी की गई है। इसी की बड़ी बातें –

शूटिंग के दौरान सेट पर 

  •  जरूरत के हिसाब से फेस मास्क लगाना होगा।
  • मेकअप मैन पीपीई सूट पहन कर ही मैकअप करेंगे।
  • सेट पर सोशल डिस्टेंसिंग के सभी नियमों का भी पालन करना होगा।
  •  सेट में आने से पहले शरीर का तापमान चेक करना होगा, इसे हर दिन दोहराया जाएगा।
  • शूटिंग के दौरान भीड़ इकट्ठा होने की इजाजत नहीं दी जाएगी।
  • सेट पर एयर कंडीशनर का इस्तेमाल करते वक्त नियमों का ध्यान रखना होगा।
  • शूटिंग के उपकरण, कलाकारों और टेक्नीशियंस के ट्रांसपोर्टेशन के दौरान भी सावधानी बरतनी होगी।
  • सेट पर डॉक्टर और नर्स का रहना अनिवार्य रहेगा।
  • गर्भवती कर्मचारियों और गर्भवती कलाकारों को सेट पर जाने की अनुमति नहीं होगी।
  • 65 वर्ष से अधिक आयु के क्रू सदस्यों को अनुमति नहीं दी जाएगी।
  • सेट पर प्रॉप्स का उपयोग कम से कम करना होगा।
  • ऑन-लोकेशन वॉशरूम और मेकअप रूम की नियमित सफाई और सैनिटेशन करना होगा।

कलाकारों और कर्मचारियों की संख्या

  • सेट पर पोर्टेबल एयर कंडीशनिंग के साथ बड़े टेंट का उपयोग करना होगा, जबकि किसी भी समय ट्रेलर में केवल पांच (5) लोगों को रहने अनुमति होगी।
  •  फिल्म या टीवी शो के मुख्य कलाकारों को कम नहीं किया जा सकता है, लेकिन क्रू मेम्बर्स की संख्या में 33 प्रतिशत तक कम करने की आवश्यकता है और सेट पर बाकी गतिविधियों को दूर से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से किया जाए।
  •  शहर के भीतर शूटिंग और यात्रा पर जाने के लिए सक्षम अधिकारी को आवेदन देना होगा और आवेदक के पहचान पत्र को सत्यापित करने के बाद सरकार द्वारा अनुमति दी जाएगी।

कास्टिंग, ऑडिशन और शूटिंग

  • फिक्शन और नॉन-फिक्शन शो की शूटिंग बिना दर्शकों के होगी। जैसे द कपिल शर्मा शो को दर्शकों के बिना शूट करना होगा।
  • कास्टिंग यानी कलाकारों का सिलेक्शन को फेसटाइम, ज़ूम या स्काइप के माध्यम से करना होगा।
  • इन-पर्सन ऑडिशन के दौरान, फेस शील्ड और ग्लव्स का इस्तेमाल करना होगा, और सोशल डिस्टेंसिंग नियमों का पालन करना होगा।
  • एक्टर्स को इस बात के लिए प्रोत्साहित करना होगा कि जिस वक्त वे सेट पर शूटिंग नहीं कर रहे हों, उस दौरान अपनी कार में प्रतीक्षा करें।

प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने भी जारी की गाइडलाइन
प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया ने 25 मई को फिल्मों की शूटिंग के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (एसओपी) गाइडलाइन की रिकमंडेशन जारी की थी। प्रोड्यूसर्स गिल्ड ने कहा कि जब भी फिल्म और टीवी इंडस्ट्री को शूटिंग की इजाजत दी जाए, उसके बाद सेट पर सोशल डिस्टेंसिंग, कास्ट और क्रू का मेडिकल चेकअप अनिवार्य किया जाए। कोरोनावायरस संक्रमण के मद्देनजर 19 मार्च से ही फिल्मों की शूटिंग और दूसरी प्रोडक्शन गतिविधियां बंद हैं।

प्रोड्यूसर्स गिल्ड ऑफ इंडिया की रिकमंडेशन गाइडलाइन

लॉकडाउन में सिर्फ अक्षय ने 3 घंटे में पूरी की थी शूटिंग
लॉकडाउन के पीरियड में सबसे पहले अक्षय कुमार ने जल मंत्रालय के एक विज्ञापन की शूटिंग की थी। यह आर बाल्की के डायरेक्शन में सोशल मैसेज वाली शॉर्ट फिल्म थी। इसे अनिल नायडू ने प्रोड्यूस किया है।
अनिल नायडू ने भास्कर से बताया था कि शॉर्ट फिल्म की डेढ़ पन्नों की स्क्रिप्ट तैयार की गई थी।

उसके बाद हमने मंत्रालय से कहा कि हमें शूटिंग के लिए परमिशन चाहिए तो उन्होंने खुद मुंबई पुलिस कमिश्नर से इजाजत मांगी जो मिल भी गई। हम लोगों ने एहतियात के तौर पर 22 और 23 मई की तारीख पर शूटिंग के लिए इजाजत मांगी थी। आखिरकार शूटिंग 25 मई को हुई। यह शूटिंग हम लोगों ने महज ढाई से 3 घंटों में पूरी कर ली।