मुंबई. कोरोना महामारी से जूझ रहे महाराष्ट्र और गुजरात पर अब चक्रवाती तूफान ‘निसर्ग’ का खतरा भी मंडरा रहा है। मौसम विभाग के मुताबिक, यह 3 जून को गुजरात और महाराष्ट्र के तट पर पहुंच जाएगा। इसे देखते हुए मुंबई के अलावा महाराष्ट्र के तटीय इलाकों को अलर्ट पर रखा गया है। इसके अगले 12 से 24 घंटों में खतरनाक तूफान में बदलने का अनुमान है।

भारतीय मौसम विभाग ने अरब सागर में बन रहे दबाव के क्षेत्र को लेकर चेतावनी जारी की। मौसम विभाग ने बताया कि यह तूफान अगले 12 घंटों में तूफानी चक्रवात और उसके अगले 12 घंटों में भयंकर चक्रवाती तूफान में बदल सकता है। यही वजह है कि मुंबई के आसपास के जिलों को हाई अलर्ट पर रखा गया है। एनडीआरएफ की दो टीमें पालघर, तीन मुंबई, एक ठाणे, दो टीमें रायगढ़ और एक रत्नागिरी में तैनात की गई हैं।

मछुआरों को समुद्र से वापस आने को कहा गया, निचले इलाके खाली कराए  

  • मौसम विभाग ने बताया कि पिछले छह घंटों में पूर्वी-मध्य अरब सागर में बन रहा दबाव 11 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से उत्तर की ओर बढ़ा है। मंगलवार की सुबह साढ़े पांच बजे तक यह दबाव और तेज हुआ। अभी यह मध्य पणजी (गोवा) से 280 किमी पश्चिम-दक्षिणी पश्चिम, मुंबई (महाराष्ट्र) से 490 किमी दक्षिण-दक्षिणी पश्चिम और सूरत (गुजरात) से 710 किमी के दक्षिण-दक्षिणी पश्चिम में अरब सागर में केंद्र में है।
  • मौसम विभाग का कहना है कि इस समुद्री तूफान में दो मीटर से ज्यादा ऊंची लहरें उठ सकती हैं। ये लहरें लैंडफॉल के दौरान मुंबई, ठाणे और रायगढ़ जिले के निचले तटीय इलाकों से टकराएंगी। मछुआरों को समुद्र से वापस आने को कहा गया है। तटीय इलाकों में रहने वालों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा रहा है।

अमित शाह ने उद्धव ठाकरे से बात की 
मुख्यमंत्री कार्यालय ने बताया कि गृहमंत्री अमित शाह ने मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग पर बात की है और राज्य की तैयारियों का जायजा लिया है। उधर, एनडीआरएफ के महानिदेशक एसएन प्रधान ने बताया कि चक्रवाती तूफान निसर्ग की वजह से 90-100 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। प्रधान ने बताया कि वे अपनी टीम के साथ महाराष्ट्र और गुजरात के तटीय इलाकों के आस-पास से लोगों को निकालने का काम कर रहे हैं।

1891 के बाद पहली बार आया इस तरह का तूफान
मौसम विभाग के साइक्लोन ई-एटलस के मुताबिक- 1891 के बाद पहली बार अरब सागर में महाराष्ट्र के तटीय इलाके के आसपास समुद्री तूफान की स्थिति बन रही है। एक अंग्रेजी अखबार ने मौसम विज्ञानी अक्षय देवरस के हवाले से लिखा है कि इससे पहले 1948 और 1980 में दो बार इस तरह का दवाब (डिब्रेशन) बना था और तूफान आने की स्थिति बनी थी लेकिन बाद में स्थिति टल गई थी। दो जून दोपहर के बाद से तीन जून तक महाराष्ट्र में काफी तेज गति से हवाएं चलने और भारी बारिश की संभावना है।