• 29 मार्च से होने वाला आईपीएल कोरोनो के कारण अनिश्चितकाल के लिए टला, इसके रद्द होने से 4 हजार करोड़ रु. का नुकसान हो सकता है
  • अब तक आईपीएल दो बार देश के बाहर खेला गया, 2009 में दक्षिण अफ्रीका और 2014 में टूर्नामेंट के मैच भारत के अलावा युएई में हुए थे.

इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) को कराने के लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) कई तरह के विकल्पों पर चर्चा कर रहा है। सूत्रों के मुताबिक, इस बार यदि आईपीएल की सभी संभावनाएं खत्म होती हैं, तो बीसीसीआई इस टूर्नामेंट को विदेश में भी करा सकता है। हालांकि, यह सिर्फ आखिरी फैसला होगा।

इस साल आईपीएल 29 मार्च से शुरू होना था, लेकिन कोरोनोवायरस और लॉकडाउन के कारण टूर्नामेंट को अनिश्चितकाल के लिए टाल दिया गया है। हाल ही में बीसीसीआई अध्यक्ष सौरव गांगुली ने कहा था कि यदि आईपीएल रद्द होता है, तो करीब 4 हजार करोड़ रुपए का नुकसान होगा।

विदेश में आईपीएल कराने पर कोई दिक्कत नहीं
बीसीसीआई के एक सूत्र ने एजेंसी को बताया, ‘‘बोर्ड सभी विकल्पों को देख रहा है। यदि आईपीएल को बाहर करवाने की बात आती है तो ऐसा किया जा सकता है। पहले भी आईपीएल के मैच बाहर करवाए गए हैं। ऐसे में कोई दिक्कत नहीं आएगी।’’ फिलहाल, बीसीसीआई इस साल अक्टूबर-नवंबर में ऑस्ट्रेलिया में होने वाले टी-20 वर्ल्ड कप पर आईसीसी के फैसले का इंतजार कर रहा है, जो 10 जून को आना है।

दो बार आईपील इंडिया के बाहर
आईपीएल को अब तक दो बार लोकसभा चुनाव के कारण भारत से बाहर कराया जा चुका है। 2009 में आईपीएल की मेजबानी दक्षिण अफ्रीका ने की थी। तब टूर्नामेंट 5 हफ्ते और 2 दिन तक चला था। इसके बाद 2014 में टूर्नामेंट के मैच भारत के अलावा युएई में खेले गए थे।

अब 37 दिन का हो सकता है आईपीएल शेड्यूल
इस बार आईपीएल 50 दिन की बजाए 44 दिन का होना था। सभी 8 टीमों को 9 शहरों में 14-14 मैच खेलने हैं। इनके अलावा 2 सेमीफाइनल, 1 नॉकआउट और 24 मई को वानखेड़े में फाइनल होना था, लेकिन बीसीसीआई अब इसका फॉर्मेट और छोटा करके 2009 की तरह 37 दिन का कर सकती है।