24 मार्च को लागू किए गए लॉकडाउन के बाद आज से धार्मिक स्थल खोल दिए गए हैं. हालांकि यहां पूजा या इबादत करने के लिए कुछ नियम तय किए गए हैं. जिनका सभी को पालन करना होगा.

केंद्र सरकार द्वारा 24 मार्च से लागू किए गए लॉकडाउन के बाद से ही मस्जिद समेत सभी धार्मिक स्थल बंद कर दिए गए थे. वहीं अब सरकार ने धार्मिक स्थलों में शर्तों के साथ इबादत करने की इजाजत दे दी है. मस्जिद में इबादत करते समय नमाज़ियों को कुछ खास नियमों का पालन होगा. इन नियमों का पालन करके किसी भी परेशानी से बचा जा सकता है. आइए जानते हैं खास 15 बातें.

1. मस्जिद में सिर्फ फर्ज नमाज़ ही अदा करें. सुन्नत और नवाफिल घर में भी अदा कर सकते हैं.

2. जमात के वक्त सोशल डिस्टेंसिंग का जरूर ख्याल रखें.

3. मस्जिद में मास्क पहनकर आएं और घर जाने तक इसे पहने ही रहें.

4. अज़ान और नमाज़ के बीच ज्यादा से ज्यादा पांच मिनट का वक्त रखें.

5. मस्जिद के इमामों से अपील है कि नमाजों को ज्यादा तवील (लंबा) ना बनाएं और जुमे की नमाज़ में खुतबा भी छोटा ही दें.

6. मस्जिद में जमात से पहले और बाद में फिजूल ना बैठें. नमाज़ पढ़कर फौरन घर के लिए रवाना हों.

7. अगर हो सके तो नमाज़ी घर से ही जानमाज़ लेकर आएं और मस्जिद की टॉपी और तोलिए का इस्तेमाल न करें.

8. नमाज़ियों के लिए बेहतर होगा कि वे घर से ही वुज़ु करके आएं. मस्जिद के मुतवल्ली वुज़ुखानों को बंद ही रखें.

9. हर नमाज़ से पहले मस्जिद की दीवारों और फर्श को सैनिटाइज करें.

10. मस्जिद में नमाजियों से हाथ मिलाने या गले लगने से परहेज करें.

11. 60 साल से ज्यादा और 10 साल से कम उम्र के लोग मस्जिद जाने से बचें. घर में ही नमाज़ अदा करें.

12. अगर घर में किसी को बुखार, खांसी या इस महामारी के लक्षण हैं तो बिल्कुल भी मस्जिद में ना जाएं.

13. जुमे की नमाज में सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने के लिए एक से ज्यादा जमात का एहतेमाम करें.

14. मस्जिद में सफाई का खास ध्यान रखें. मस्जिद के दरवाजों को ना छुएं.

15. अपने शूज या स्लीपर को ठीक से रखें, किसी दूसरे की चप्पल छूने या उसमें पैर डालने से बचें.